नई शिक्षा नीति ? NEP शिक्षा पद्धति को कैसे समझे

नई शिक्षा नीति ? NEP शिक्षा पद्धति को कैसे समझे

नमस्कार , आज के इस पोस्ट में आपके साथ हम भारतीय नई शिक्षा पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी शेयर करने वाले है की नई शिक्षा पद्धति क्या है? नई शिक्षा पद्धति हमारे आने वाले युवा पीढ़ी में किस तरह से परिवर्तन लाएगा क्या है. भारत के इतिहास में बेहतर ली गई फैसलों में बेहतर रिजल्ट ला पायेगा , क्यों इस शिक्षा पद्धति के जरुरत क्या वाकई में हमारे देश को जरुरत थी ऐसे तमाम सवाल आपके मन में आ रहे होंगे जिसके बारे में इस पोस्ट में पूरी विस्तार सूचना आप ले सकते है .

भारतीय शिक्षा पद्धति 34 वर्ष बाद परिवर्तन हुआ है यह देश के लिए बेहद और अहम फैसला है आज विश्व के तमाम देश अपने – अपने देश के शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के दिशा में लगातार काम कर रहे है. कई ऐसे भी देश है जो अपने देश के शिक्षा पद्धति में परिवर्तन करने के बारे में लगातार रिसर्च कर रहे है ताकि देश को आगे बढ़ने में मदद मिल पाए . अगर हम देखे तो आपको पता चल जायेगा की शिक्षा स्तर ही देश को आगे ले जाने में अहम भूमिका अदा करता है .

“नई शिक्षा प्रणाली ” भारत सरकार और मानव संसाधन आयोग के द्वारा पुरे देश में नई शिक्षा प्रणाली को लागू करने का निर्देश के देश के अलग – अलग राज्यों में संचालित स्कूलों में लागू करने के निर्देश जल्द ही जारी हो सकते है राज्य सरकार इसके लिए काम भी कर रही है ताकि इस पर बेहतर रिजल्ट मिल सके निश्चित रूप से देश को आगे ले जाने मदद मिल सकता है .

नई व्यवस्था स्कूल शिक्षा का 5 + 3 + 3 + 4 फार्मूला

नीव चरण ( फाउंडेशन स्टेज ) : इस स्टेज में अब प्री-स्कूलिंग शिक्षा लेंगे होंगे पहले तीन साल बच्चे आंगनबाड़ी में पढाई करेंगे फिर पहली और दूसरी कक्षा के लिए 2 वर्ष लगेंगे इनके लिए एक लग से पाठ्यक्रम तैयार होगा इसमें तीन से आठ साल तक की आयु के बच्चे कवर होंगे इस प्रकार पढ़ाई के पहले पांच साल का चरण पूरा होगा.

द्वितीय चरण (प्रीप्रेटरी स्टेज) : इस चरण में कक्षा तीन से पांच तक की पढ़ाई होगी आठ से 11 साल तक की उम्र के बच्चों को इसमें कवर किया जाएगा इस दौरान प्रयोगों के जरिए बच्चों को विज्ञान, गणित, कला आदि की पढ़ाई कराई जाएगी इस तरह रोल मॉडल विकसित किया गया है.

तीसरा चरण (मिडिल स्टेज) : इन कक्षाओं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा इसमें कक्षा 6-8 की कक्षाओं की पढ़ाई होगी तथा 11-14 साल की उम्र के बच्चों को कवर किया जाएगा कक्षा छह से ही कौशल विकास कोर्स भी शुरू हो जाएंगे.

सेकेंडरी स्टेज : अब यह चरण छात्र – छात्राओं के लिए विशष रूप से अहम होगा क्योंकि यह कक्षा नौ से 12 की पढ़ाई दो चरणों में होगी जिसमें विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा और छात्रों को विषयों को चुनने की आजादी भी होगी.

वर्त्तमान मौजूदा समय में देश के शिक्षा पद्धति को अगर ध्यान से देखे तो इसमें कई कमियां जो हमारे शिक्षा स्तर को आगे बढ़ने के लिए उतना बेहतर नहीं है और ना ही उतनी कारगर है जो हमारे बेरोजगार को बेहतर रोजगार दिलाने में मदद करें आज देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों से शिक्षा लेकर निकलने वाले में केवल -केवल 47 % को ही रोजगार मिल पता है बाकि बचे 53 % प्रतिशत के लोग बेरोजगारी की मर झेलते है हमारी पुरानी शिक्षा पद्धति में कई ऐसे कमजोरी है जो हमें आगे नहीं ले जा सकती.

देश के कई एक्सपर्ट ने नई शिक्षा पद्धति के बारे में बताया है की हमारी शिक्षा नीति देश को और बेहतर बनने के साथ – साथ युवाओ के उन्हें आत्म निर्भर बनने के दिशा में काफी मददगार साबित होगा नई आने वाले पीढ़ी में कई तरह से परिवर्तन होगा यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा मौजूदा टाइम में देखे तो आज देश के करीब 7 – 8 लाख छात्र – छात्राएं विदेश में अध्ययन के लिए जाते है और करोडो डॉलर अध्ययन के रूप में खर्च कर देते है .

भारतीय पुरानी शिक्षा पद्धति के कई ऐसे कमियां है जो आज के हालत और देश के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए इससे लागू करने के बारे में सरकार ने सोचा है और इसे देश में लागू करने की योजना बना है नई शिक्षा पद्धति 5 + 3 + 3 + 4 पहले छात्र – छात्राओं को 12 वीं तक के अध्ययन पूरा कारण के लिए 12 वर्ष लगते थे लेकिन आप 12 वर्ष की जगह पर पुरे 15 साल लग जायेंगे यह नहीं अब अध्ययन के लिए आपको एडवांस बनने के बारे में भी सरकारी विचार कर रही है.

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सरकार के द्वारा जानकारी दी गई है की आप छात्र – छात्राओं को पहली से लेकर 05 वीं तक की पढाई के लिए क्षेत्रियाँ भाषा में अध्ययन करना तत्पश्चात उनके बेसिक शिक्षा के लिए जरुरी पढाई पूरी करनी होगा और कैसे ऐसे ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया शामिल हुई है. जो देश के हमारी आने वाले पीढ़ी को और बेहतर और सक्षम बना सके पहले के अध्ययन में संस्कृत केवल नंबर बढ़ने के लिए था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा आपको अपने अध्ययन में शामिल होगा तो आपको पूरा समझाना होगा की ये किस तरह से आपको फायदा पहुचायेगा.

नई शिक्षा पद्धति के अंतर्गत अध्ययन के लिए 09 वीं क्लास से आपको सब्जेक्ट का चुनाव करना होगा और 10 वीं क्लास बोर्ड क्लास नहीं होगा सीधे 12 वीं की परीक्षा बोर्ड की परीक्षा होगा पढाई के लिए छात्र – छात्राओं के लिए अब विशेष रूप से योगा के ऊपर में ध्यान रखना होंगे योग के महत्व और के फायदे के बारे में हर छात्र को पता रहेगा यह नहीं हमारी नई शिक्षा नीति हर तरह से हमारे लिए फायदेमंद होगा.

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